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Family Values

रखिया के दिन भइया चलि अइहऽ

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

रखिया के दिन भइया तूही चलि अइहऽ जइहऽ बचन हमरो भानि हो।

तोहरी कलइया बान्हबि राखी के धगवा, तोह पर लुटाइबि परान हो ।।........

राखी के धागा बान्हि तोहरी कलइया। लेइबि तोहार हम लाखों बलइया ।।

भूलि जनि जइहऽ अब तूहू मोर बिरना, रखिहऽ बहिनिया के मान हो ।।.........

संग-संग खेलनी जां बाबा के अंगनवां। तोह पर लुटवनी हम हरदम परनवां ।।

जनि बिसरइह भइया बहिना के नेहिया, हमरो रतरवां के खान हो ।।.............

एके फुलवरिया के दुनू जने फुलवा। विधि के विधनवा से बटि गइल कुलवा ।।

तू ही तऽ हउव भइया उगत सुरुजवा, तू ही अकसवा के चान हो ।।..........