Back to library
Village Life

रतिया चान बिना अन्हरिया लगे

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

रतिया चान बिना जइसे अन्हरिया लगे। सूनी तोहरी बिना अब सेजरिया लगे ।।

खनके पायलिया मधुर धुनि छिड़े। रहे टूटल जवन दिल फिरु से जुड़े ।।

जब तोहरी करेजवा से लगि जानी हम, स्वर्ग के सुख हमके सँवरिया लगे ।।.......

फूल बनिके चमन में महकल करींऽ। रूप सोना सा लेके हम दहकल करी ।।

भौंरा बनि तू हम पर लोभाइल कर, तोहरी आवेके जब भी खबरिया मिले ।।.......

पात तरुवर से तोहरे हम पूंछी पता। तू तऽ हउव गुलाब हम लवंग लता।

आ जालऽ तऽ बगिया महँकि जाला, दिल के भरल फूल फूलवरिया लगे ।।........