Back to library
Family Values

केतना जवानी पर गुमान बाटे

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

तोहरा केतना जवानी पर गुमान बाटे। जबकि जिनगी के कवनो ना ठेकान बाटे ।।

लोभ, मोह, माया के मन में गरल बा। झूठ फरेब करिके दौलति भरल बा ।।

मन व्याकुल बा नाहीं मुसकान बाटे ।। तोहरा..........

भाई भतीजा केहू काम ना आयी। बेटवा तोहार धन पा के अगरायी ।।

जेकरी चिन्ता में मन परेशान बाटे ।। तोहरा.......

जवन तू करबऽ कीरति कमाई। साथ में ऊहे तोहरी धन जाई ।।

काहें भटकत तोहरो परान बाटे ।। तोहरा......

थकी शरीर कवनो काम ना आई। सोचि-सोचि मनवा बहुत पछताई।

स्वारथी सगरी दिखत ई जहान बाटे ।। तोहरा....