Family Values
केतना जवानी पर गुमान बाटे
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
तोहरा केतना जवानी पर गुमान बाटे। जबकि जिनगी के कवनो ना ठेकान बाटे ।।
लोभ, मोह, माया के मन में गरल बा। झूठ फरेब करिके दौलति भरल बा ।।
मन व्याकुल बा नाहीं मुसकान बाटे ।। तोहरा..........
भाई भतीजा केहू काम ना आयी। बेटवा तोहार धन पा के अगरायी ।।
जेकरी चिन्ता में मन परेशान बाटे ।। तोहरा.......
जवन तू करबऽ कीरति कमाई। साथ में ऊहे तोहरी धन जाई ।।
काहें भटकत तोहरो परान बाटे ।। तोहरा......
थकी शरीर कवनो काम ना आई। सोचि-सोचि मनवा बहुत पछताई।
स्वारथी सगरी दिखत ई जहान बाटे ।। तोहरा....
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जीवन परिचय
नाम : राम बहादुर 'अधीर पिण्डवी' पिता : (स्व०) श्री बसन्त पिण्डवी
दुलार के करी
हमरी माई अइसन हनके दुलार के करी। बिना स्वारथ के माई जइसन प्यार के करी ।। दुर्गा-देवी केतना देवता मनवली। तब जाके गोदिया में हमरा के पवली ।।
सगे भाई की तरे
सबकी दुख सुख में रहीं सगे भाई की तरे। तबो अरिया चलावे लोग कसाई की तरे ।। धरती की लोगवा के सुख पहुँचाईं। देके दवाई सबके रोगवा भगाईं ।।