Back to library
Family Values

काहें मन नहीं लागेला पढ़ाई में

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

काहें मन नाहीं लागेला पढ़ाई में। कुछऊ बाटे नाहीं झगड़ा लड़ाई में ।।

माई-बाप सबका तऽ तोहरा पर नाज बा। हथवा में तोहरी कुलवा के लाज बा ।।

बहुत गुनवा बा पढ़िलऽ पढ़ाई में ।।.......

गाँधी, सुबास, आजाद तू ही हउवऽ। बिस्मिल, लाहिड़ी, असफाक तू ही हउवऽ ।।

조쉬 बहुते बा तोहरी अंगड़ाई में ।।......

डिप्टी-कलक्टर, कपतान बनि जइबऽ। बनबऽ ऊहे जवन सपना सजइबऽ ।।

व्यर्थ करऽ जनि समइया ओंघाई में ।।......

पड़ऽ लिखऽ राखऽ सब लड़िकन से मेल। नाहीं तऽ हो जइबऽ अबकी तू फेल ।।

इहे सीख बाटे सबकी भलाई में ।।.......