Village Life
बरगदवा बोलावेला
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
गउवां के बूढ़ बरगदवा बोलावेला । ए बबुआ बहुते तोहार याद आवेला ।।
जाके शहरिया में तू बसि गइल ऽ। शहरी झमेला में तू फँसि गइल ऽ ।।
इहे बाति पिपरा भी हमसे बतावेला, ए बबुआ बहुते तोहार याद आवेला ।।......
गउवां के कटि गइल घन बसवरिया। सगरी कटाइ गइल अमवां के बरिया ।।
हमरो पर लोगवा नजरिया गड़ावेला, ए बबुआ बहुते तोहार याद आवेला ।।......
जवनी तलइया नाव कगजा चलवलऽ । चिंउटा चिंउटिओ के झिझिरी खेलवल ऽ ।।
ऊहो तलइया अब लोगवा पटावेला, ए बबुआ बहुते तोहार याद आवेला ।।.......
एक बार देखि जइतऽ आके आपन गउवां। पुरुखन के तोहके बोलावेला खड़उवां ।।
ताड़ के तीन पेड़ रस्ता बतावेला, ए बबुआ बहुते तोहार याद आवेला ।।......
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सुधार नइखे
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