Devotion
बबुआ तू जान हमरो
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
कहली मइया हउवऽ बबुआ तूं जान हमरो। हमरी अँखिया के पुतरिया परान हमरो ।।......
सिमवां पर जइहऽ तऽ जनि घबरइह। डरि-डरि जनि तूहूं गोलिया चलइह ।।
तू राखि लीह देशवा के मान हमरो ।। हमरी......
पालि-पोसि तोहरा के कइनी सेयान। मुंहवा निहारत बीतल सँझवा बिहान ।।
बनि गइलऽ देशवा के कप्तान हमरो ।।
एक-एक इंच पर दूध के कसमवां। पीठि जनि देखइह चाहे जाई परनवां ।।
तू तऽ हउव देशवा के शान हमरो ।।.......
दुधवा के मान तूहू हमरो बचइह। बढ़ि के तिरंगा奉 हिमालय पर फहरइह ।।
नाहीं होखे दीह कबो अपमान हमरो ।।...
हउव बहादुर तू बहादुरी से लड़िहऽ। नया इतिहास करतबवा के गढ़िहऽ ।।
तबे होई तोहरी सथवा सम्मान हमरो ।।.......
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