Village Life
बड़ा नीक साथी गउवां हमार बा
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
बरगद पिपरा बा गउवां में हमरी, छान्हि छपरा अउर बड़को इनार बा।
बड़ा नीक साथी गउवां हमार बा ।।......
गउवां में हमरी बा ताल तलैया। घन बसवरिया बा घन अमरइया ।।
नदिया बहेले नियरे कछार बा, बड़ा नीक साथी गउवां हमार बा ।।......
मेहनति करेला खूब जमि के किसनवा। खेतवा में लहरेला गेहुंआ अउर धनवा ।।
कबो झुमका किनात कबो हार बा, बड़ा नीक साथी गउवां हमार बा ।।......
उखिया के गुड़ राब पेरि के धराला। नगदी की खातिर कुछू मील पर भेजाला ।।
चना मकई भुजात गोइंसार बा, बड़ा नीक साथी गउवां हमार बा ।।......
होली दीवाली ईद हिल मिल मनावे। गले से मिले लोग झूमि-झूमि गावे ।।
सबसे जूड़ल सनेहिया के तार बा, बड़ा नीक साथी गउवां हमार बा ।।......
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सुधार नइखे
हमरी गउवां में तनिको सुधार नइखे । भाई-भाई में लड़ाई होला प्यार नइखे ।। पहिले के लोग सब एक में रहत रहे। मनवा के बाति सभे सबसे कहत रहे ।।
खिल उठे मनवा उदास
चढ़ते असढ़वा बरसे बदरवा, कि धरती के बूझेला पियासि । बड़ा नीक लागे हरियर दुबिया, खिलि उठे मनवा उदास ।।.......
शहरिया से गाँव हो
दुअरा पर निमिया के घन बाटे छाँव हो। बड़ा नीक लागेला शहरिया से गाँव हो ।। मंगरू भगत लागें गाँव भर के काका। बचनू कँहार लागें बुढ़वन के दादा ।।