Village Life
नोकरिया करे जाइबि
— राम बहादुर अधीर पिण्डवी
बुधनी के माई खोजे हमरो कमाई, नोकरिया करे जाइबि हो हम झरिया।
खेतवा बटाई लेके करेनी किसानी। तबो नाही दूर होखेला परेशानी ।।
छोडि के बेगारी हम जाइबि सहरिया ।। नोकरिया......
गउवां में कम मिलेला मजदूरी। इहवां करेके पड़ेला जीहजूरी ।।
मेहनति हमार, भरे उनके बखरिया ।। नोकरिया.......
सुनेनी कि झरिया में कोइला खोनाला। नीक खदान में मजूरी मिलि जाला ।।
रहेके मिलेला फोकट में कोठरिया ।। नोकरिया..........
काम ना मिली तबले रिकसा चलाइबि। मेहनति मजूरी करिके दिनवा बिताइबि ।।
पाँव फइलाइबि जेतना रही चदरिया ।। नोकरिया.........
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