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Village Life

गाँव नीक बा

— राम बहादुर अधीर पिण्डवी

पिया जनि जा तू कवनो शहरिया, शहरिया से गाँव नीक बा।

छोडि दऽ तू आपन नोकरिया, नोकरिया से गाँव नीक बा ।।....

इहवें करऽ मन से खेती किसानी। उपजी अनाज रही नाही परेशानी ।।

अन्न से भरि जाई अपनो बखरिया, शहरिया से गाँव नीक बा ।।....

गेहूं, चना, धान, मटर उपजावऽ। खेतवा के मेड़वा पर पेड़वा लगाव ।।

घर की नियरे लगाव फुलवरिया, शहरिया से गाँव नीक बा ।।....

करबऽ मजूरी इहें दिन कटि जाई। सब्जी की खेती से होई कमाई ।।

लागे लागल अब गउवों बजरिया, शहरिया से गाँव नीक बा ।।....

बैंक से कर्जा मिलेला उधारी। किनिहऽ भइसिया दूगो दुधारी ।।

सुध दूध मिली ताजी तरकरिया, शहरिया से गाँव नीक बा ।।....